Saturday, December 29, 2012

मन के गुबार

  1. मन के गुबार दबा के क्या होगा
    दर्द कि इंतिहा जगाँ क्या होगा
    जमाने में हजार रहनुमा है
    अनजान बने तो भला क्या होगा
    दूरियां मिटती है मिटाने से
    दिलो से दूरियां बना क्या होगा
    एक कदम तुम बड़ों
    फिर देखो साथ यह जहां होगा

    Photo: तुम सोच हो मेरी 
जिसे सोच कर मै कभी उदास 
कभी दूर कभी नितांत पास
कभी एक मीठा एहसास 
तुम्हारी अहमियत इतनी ख़ास
की मै अपने वजूद को अधूरा पाता हूँ
जब तुम्हारी सोच से दूर जाता हूँ
नहीं जनता तुम क्या सोचती हो
पर मै सोचता हूँ तुम जरूर सोचती हो
वैसे ही जैसे मै सोचता हूँ
हर पल हर छ्ड़
क्योँकि तुम सोच हो मेरी..........

एहसास


  1. हुआ जब एहसास उन्हें मोहब्बत का
    चाह के भी मुझे पा न सके
    दर्द था उनको भी दर्दे दिल का
    पर मेरा सहारा पा ना सके
    मेरे क़रीब आने की कोशिस में
    सारी रात वह मेरे सिरहाने रोते रहे
    हुआ था सफर पूरा उन्हें मनाने मे
    इसलिये हम मजबूर कब्र में सोते

तड़पती हर सलवट


  1. इंतज़ार से भरीं तेरे बिस्तरे की
    तड़पती हर सलवट होगी
    दिल की आवाज़ सुन कर देखो
    मेरी आहट क़रीब होगी
    लबो पे प्यार गुदगुदा के देखो
    मेरी मुस्कराहट क़रीब होगी
    ... जो महसूस न किया अबतक
    वह् चाहत तेरे पास होगी
    चाहतों की मौजूदगी में जानम
    लम्हे जिंदगी बड़ी ख़ास होगी
    तेरी गर्म सांसो में सनम
    मेरे वजूद की गुनगुनाहट होगी
    ख्यालो के झरोखे में झाख के देखो
    उमड़ते जज़्बात हाथों में लट होगी
    मेरे दिल के उफान में शामिल
    तेरी भी हर बदलटी करवट होगी
    इंतज़ार से भरीं तेरे बिस्तरे की
    तड़पती हर सलवट 
    होगी...................

आस्तीन के साँप


  1. समुन्दर के सीने में एक डूबने का डर
    न जाने किस घड़ी कर गया घर
    कस्ती किनारे क्या साहिल को लाये
    जब पेंदी का छेंद ख़ुद को डुबाये
    मौत कही ताक में नहीं थीं बैठी
    आस्तीन के साँप ने इनाम दीं थी
    ... जो कहँ रहे गरिमा बचाओ घर की
    वही नीव रख रहे है नरक की
    सियासी हस्तियां है हर महकमा ग़ुलाम इनका
    भूख और गरीबी भी इनाम इनका
    मन्दिर की घंटिया इनकी और इमाम इनका
    हैसियत-ए दबंगई में नाम इनकाSee more

दो वक्त कि रोटी


  1. कितने लोगो को दो वक्त कि रोटी मिलती है
    और कितनो की सुबह उम्मीदों से मिलती है
    सर्द रातों में ठिठुरते तन को चीट नसीब कहां
    सर छुपाने को मिलीं जिन्हें नीली छतरी यहां
    जिनके के दम से रौशन सत्ता के गलियारे है
    वह शासन और प्रशासन से हुए किनारे है
    ... आवाज़ दब सी गयी भीड़ में गला दुखने तक
    कोई भी सुध नहीं लेता गरीब के मरने तक
    सियासत को इंतज़ार इस भीड़ के गुजरने का
    पक्ष और विपक्ष को इंतज़ार मुद्दा मिलने का
    किसी की मौत किसी की रोटियां है सिकती
    खामियाजा गरीब की जिंदगी कौड़ियों में बिकती..................
     

खोज


  1. खोज सकारात्मक व्यक्तित्व और नजरिये की, परिणाम असफलता, आख़िर यह कैसी विडम्बमना है की हम बात खोज की करते है और स्वम में ही अधूरे नजर आते है कितने ही मौके आते जब शंशय से ख़ुद को घिरा पाते है, लाख कोशिसो के बाद भी सकारात्मक सोच जीवन का पहलू नह...ीं बनती और सच्चाई का आइना नकारात्मक पहलुओं की बुनियाद को मज़बूत कर देता है, आदमी चाहे या ना चाहे कोई न कोई मजबूर करता है विरोधाभास के लिए, उदाहरण के लिए यदि आप मन बना ले की किसी से झगड़ना नहीं है परंतु यह आप पर निर्भर नहीं करता क्योँकि यदि सामने वाले की फितरत में वाद विवाद कुट कुट कर भरा है तो आप के मौन रहने की अवधि ख़ुद-बा-ख़ुद न्यूनतम हो जायेगी और आप ख़ुद को बहस करने वालों की श्रेणी में खड़ा पायेंगे! कटु सच्चाईयों से भरे इस समाज में कोटि कोटि के व्यकितित्व शामिल है कुछ झगड़ालु, कुछ हर बात को बहस की हद तक ले जाने वाले, कुछ पुराने विवादों को पालने पोसने के आदि तो कुछ को जीत का आनंद ही अपनी बात मनवाने में आता है अपितु वह् ग़लत ही क्यो न हो, ऐसे में जो आप से बड़े ओहदे पर है उन्हें झेलना मजबूरी है और यदि आप से छोटे या समकछ है तो न चाहते हुए भी खिच खिच स्वाभाविक है, तो यह उपाय भी निर्थक है की एक चुप तो हजार चुप क्योकी मजबूर करने वाले हालत बिन बुलाये मेहमान की तरह आपके जीवन के इर्द गिर्द ही मँडराते है जिनसे हम आप चाह के भी नहीं बच पाते है आौर असफल खोज जारी रहती है सकारात्मक व्यक्तितव की................ सकारात्मक सोच की………………सकारात्मक रवइये की………..असफल परिणाम के साथ 

शर्तों पर एडमिशन,


  1. शर्तों पर एडमिशन, जेबों में अजर्रा पैसा हो, शान शौकत और बड़ी गाड़ी घोड़ा हो, अधिकारियो और नेताओं से पहचान भरा रुतबा हो तो आपके बच्चे का एडमिशन किसी भी स्कूल में हो जयेगा वरना कतार में थे कतार में है और कतार में रहेंगे तब तक जब मठठाधिशो के सप...ुत्रो सपुत्रियो के दाखिले के बाद के बचे रिक्त स्थान घोषित नहीं हो जाते, परंतु उसके पश्चात भी आपके पास स्कूल वेल्फेयर शुल्क, स्कूल डेवलपमेंट शुल्क, जैसे मदों के लिए कम से कम 50 से 60 हजार रुपये अवश्य होने चाहिए अन्यथा आपके बच्चो को पब्लिक या कान्वेंट में पढ़ने का अधिकार नहीं है क्योकि शर्तें लागू है.............