Thursday, May 30, 2013

प्यार की कशिस

तुम्हारे प्यार की कशिस में
 मै इस कदर मदहोश हूँ
 की जिंदगी की आंखरी साँस तक
 होश में आना नहीं चाहता,
 तुम्हारे शब्दों में पिरोये हुए
 अपनेपन के अनमोल मोती,
जिन्हें बेशकीमती जवाहरात की तरह
 मै ता-जिंदगी खोना नही चाहता,
 थकान और शिकन के पलों में
 तुम ताजगी और ताकत हो
 सफर के किसी मोड़ पर हमदम
 मै तुम्हे खोना नही चाहता,
 आज वादा करे एक दुसरे से
 आँखों में एक ही सपना हो
 जिसमे तेरी खुशी न हो शामिल
वह स्वप्न सँजोना नही चाहता
 तुम प्यार हो, तुम अनमोल हो
 हां तुम ही मेरी चाहत हो
हर जन्म तेरा ही साथ मिलें

 अब दिल किसी और का होना नहीं चाहता………………….
  1. ...

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