Monday, August 13, 2012

तुम्हारी सौगात


  1. हर बात अधूरी है
    हर रात अधूरी है
    जिंदगी जज़्बात के बिन
    सनम बड़ी अधूरी है
    मेरे सुने से दिल में
    तुमने ही भरे रंग
    ...
    हर खुशी हर उमंग
    सनम तुमसे हर तरंग
    लबों पर मुस्कान
    तुम्हारी ही है सौगात
    तुमसे ही रोशन रात
    क्या सुबह क्या शाम
    तुमसे जदगी का एहतराम
    तुम मिलें तो मिटी हर दूरी
    वरना..........
    हर बात अधूरी है
    हर रात अधूरी है

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