Wednesday, May 16, 2012

एक शख्स………………


एक शख्स……………….
एक शख्स कल दिखा था कड़ी धूप में मुझे ...
पानी की आरजू में लहू बेचता हुआ
लहू सस्ता और महँगा पानी, था अंदाजा उसे
इस खयाल से ज़िदगी को सहेजता हुआ
मिला एक शख्स कुछ बेबस परेशान सा मुझे
हर आँख में एक आस् देखता हुआ
ज़िदगी मौत के दोराहे पर मिला भटकता मुझे
नाकामियों में घुटनों को टेकता हुआ
एक शख्स कल दिखा था कड़ी धूप में मुझे …
पानी की आरजू में लहू बेचता हुआ
एक शख्स………………

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