Wednesday, April 11, 2012

नववर्ष

पूरब पश्चिम उत्तर दछिण 
खिल उठी चारो दिशाये 
प्रत्येक दिशा शुभ संदेश
नववर्ष की शुभ कामनाये
गाव खेत चौपाल हाट
झूमे सब बालक बालाये
स्वर तरंगित ओर छोर
नववर्ष की शुभ कामनाये
धरा गगन नदी नहर पे
अरुण अरुणिमा रहा बिखराये
रवि किरणों ने लिखी पंक्ति
नववर्ष की शुभ कामनाये
ओस की नन्हीं बूँदों से
हरित वन उपवन सभी नहाये
मधुमस्त मयूर नाचे गाये
नववर्ष की शुभ कामनाये

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