Wednesday, April 11, 2012

नववर्ष सुस्वागतम

मै नववर्ष अध्याय का सुस्वागतम करना चाहता हूँ
फिर नये क्षितिज की ओर मै उड़ना चाहता हूँ
मै आज दिव्य रौशनी की सैर करना चाहता हूँ
सबकी आँखों में सुखमय स्वप्न बुनना चाहता हूँ 
उर्जा भरे नवदीप का अवलोकन करना चाहता हूँ
अश्रु ना बहे कही हर दुःख को चुनना चाहता हूँ
जो सर्वकर्ण प्रिय हो वह शब्द बनना चाहता हूँ
नववर्ष मै एक नवसमाज की देखना चाहता हूँ
हृदयघात जो करे मै उस कर्म से बचना चहता हूँ
प्रेम बंधुत्व भरे गीत की रचना सुनना चाहता हूँ
मै नववर्ष अध्याय का सुस्वागतम करना चाहता हूँ

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