Saturday, September 17, 2011

मोदी या मनमोहन का सपना


मोदी या मनमोहन का सपना मत दिखलाईये!
नाम में क्या रखा है हालात बदलने चाहिये!
गरीबी एक तमाचा है इस तमाचे से बचाइये!
आतंक भरी जिंदगी को अब सुकून चाहिये!
महंगाई के बोझ तले अब और ना दबाइये!
मुश्किल से कटते सफर, आसान राह बनाइये!
मोदी या मनमोहन का सपना मत दिखलाईये!
नाम में क्या रखा है हालात बदलने चाहिये!
मौजूदा बदहाली का कोई सटीक विकल्प हो तो बताइये!
भ्रष्टाचार कि है ख़बर, निबटने का समाधान चाहिये!
निरे भ्रष्ट निरंकुश घूमते इन्हे जेल में पहुचाइये!
नित नए मुद्दों में पब्लिक को मत उलझाइये!
दल बदल दस्तूर आपका पहले अपने मुद्दे सुलझाइये!
अपने लिए लाख किया कुछ समय देशहित लगाइये!
बेरोजागारी से झुझते नवयुवक उन्हें अवसर तो दिलाइये!
बिना छत के पलते परिवार उन्हें घरौंदा तो दिलाइये!
भूख और गरीबी कब तक पहचान रहेगी भारत कि यह तो बताइये
शर्म है जरा सी भी तो इससे निजात आप दिलाइये!
मोदी या मनमोहन का सपना मत दिखलाईये!
नाम में क्या रखा है हालात बदलने चाहिये!

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