Friday, July 29, 2011

" सच्चे आज़ाद हिन्दुस्तनी " और " हम आज भी ग़ुलाम"

वर्तमान सरकार का हर कदम बहुत सराहानीया क्योकि वह सच्चे आज़ाद हिन्दुस्तनी है!
आजादी का मतलब सकता शब्द जहा लगा हो वह सब कर सकते है...
विकल्प= अन्नयाय कर सकते है,
पीड़ा दे सकते है, 
लूट कर अपना घर भर सकते है,
हिंसा का जबाब अहिंसा से दे सकते है,
झूठे केस में असली मुद्दे दबा सकते है, 
सौ की सीधी बात हर वोह मनमानी जिसमे जनता की आवाज़ दब के रह जाए वह हर कु-कृत्य कर सकते है.
दोष उनका नही अरे भाइ वह सच्चे आज़ाद हिन्दुस्तनी है और हम आज भी ग़ुलाम अँगरेजों के नहीं बल्कि अपनी ही चुनी सरकार के!
जागो भारत जागो!!
                                                                           "नीरज की पाति""

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