Saturday, July 30, 2011

दीमक

देश आज़ाद है यह केवल कहने के लिए है वरना 1947 कए बाद हम दोबारा 
partantra हुऐ थे और इस बार बेड़ा गर्क हो मेरे नामाकूल राज नेताओं का
 इन लोगो ने देश का हाल ही बेहाल कर दिया. यह वह दीमक है जो देश को
 भीतर ही भीतर खोखला कर रही है, आज जरूरत है कि इन्हे मारने के
 लिए फिनअयाल का और जरूरत पढे तो तेज़ाब का पोछा लगाये.

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